23 अप्रैल 2026 स्कंद षष्ठी व्रत – महत्व, पूजा विधि, उपाय और मेरे अनुभव

आचार्य डॉ. सरिता मिश्रा (PhD, Gold Medalist)

सनातन धर्म में व्रत और उपासना केवल परंपरा नहीं, बल्कि ऊर्जा और चेतना को शुद्ध करने का एक वैज्ञानिक माध्यम है। उन्हीं पवित्र व्रतों में से एक है स्कंद षष्ठी व्रत, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को समर्पित है।

वर्ष 2026 में स्कंद षष्ठी व्रत 23 अप्रैल, गुरुवार को पड़ रहा है, जो साधना, शत्रु नाश और आत्मबल वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ है।


🌼 स्कंद षष्ठी व्रत का आध्यात्मिक महत्व

भगवान स्कंद, जिन्हें कार्तिकेय या मुरुगन भी कहा जाता है, शक्ति, साहस और विजय के देवता हैं। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है:

जिनके जीवन में बाधाएं बार-बार आती हैं

जिनकी कुंडली में मंगल या राहु दोष हो

जिनको शत्रु बाधा, कोर्ट केस या मानसिक तनाव हो

मेरे वर्षों के अनुभव में, मैंने देखा है कि स्कंद षष्ठी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव आते हैं।


🪔 स्कंद षष्ठी व्रत की पूजा विधि (Step-by-Step)

  1. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें
  2. स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र पहनें
  3. भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
  4. उन्हें लाल फूल, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें
  5. “ॐ सरवनभवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
  6. स्कंद षष्ठी व्रत कथा पढ़ें
  7. दिन भर फलाहार रखें (यदि संभव हो तो निर्जला व्रत करें)
  8. शाम को आरती करके व्रत खोलें

🔱 विशेष उपाय (जो मैंने अपने साधकों को दिए और परिणाम मिले)

  1. शत्रु नाश उपाय

एक लाल कपड़े में 7 लाल मिर्च और 7 लौंग बांधकर भगवान स्कंद के सामने रखें और अगले दिन बहते जल में प्रवाहित करें।

👉 यह उपाय मैंने कई क्लाइंट्स को बताया और उन्हें कोर्ट केस एवं विरोधियों से राहत मिली।


  1. करियर और सफलता के लिए

स्कंद षष्ठी के दिन “ॐ कार्तिकेयाय नमः” मंत्र का 1100 बार जाप करें।

👉 मेरे एक विद्यार्थी ने इस उपाय से नौकरी में प्रमोशन प्राप्त किया।


  1. विवाह बाधा दूर करने के लिए

6 गुरुवार तक स्कंद षष्ठी व्रत करें और भगवान को केसर अर्पित करें।

👉 इस उपाय से कई कन्याओं के विवाह में आ रही रुकावट दूर हुई।


🌙 ज्योतिषीय दृष्टिकोण (Vedic Insight)

स्कंद षष्ठी का संबंध मंगल ग्रह से होता है। यदि आपकी कुंडली में:

मंगल कमजोर है

मांगलिक दोष है

बार-बार गुस्सा या अस्थिरता रहती है

तो यह व्रत आपके लिए अत्यंत आवश्यक है।


✨ मेरे व्यक्तिगत अनुभव

अपने 15+ वर्षों के ज्योतिषीय और आध्यात्मिक अभ्यास में, मैंने यह पाया है कि:

स्कंद षष्ठी व्रत करने वाले लोगों की ऊर्जा (Aura) मजबूत होती है

उनके जीवन में निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है

और सबसे महत्वपूर्ण – अदृश्य बाधाएं स्वतः समाप्त होने लगती हैं

यह केवल आस्था नहीं, बल्कि एक ऊर्जा विज्ञान (Energy Science) है।


📿 किन लोगों को यह व्रत अवश्य करना चाहिए?

जिनकी कुंडली में मंगल दोष है

जिनको शत्रु बाधा या कोर्ट केस है

जिनका आत्मविश्वास कमजोर है

जो आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं

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यदि आप अपने जीवन की समस्याओं का समाधान चाहते हैं, तो आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं:

आचार्य डॉ. सरिता मिश्रा (PhD, Gold Medalist)
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🌸 अंतिम संदेश

स्कंद षष्ठी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मबल जागरण का एक शक्तिशाली साधन है।
यदि इसे सही विधि और श्रद्धा से किया जाए, तो जीवन की दिशा बदल सकती है।

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