(एक अनुभवी ज्योतिषाचार्य के जीवन अनुभवों से)
लेखिका:
आचार्य डॉक्टर सरिता मिश्रा, पीएचडी (गोल्ड मेडलिस्ट)
(ज्योतिष, अध्यात्म एवं कर्म सिद्धांत विशेषज्ञ)
📞 परामर्श हेतु संपर्क: 8383904847
भूमिका: जब सब कुछ होते हुए भी अभाव बना रहता है
मैंने अपने जीवन और अपने हजारों परामर्शों में यह देखा है कि
आर्थिक संकट केवल धन की कमी नहीं होता, बल्कि ऊर्जा, कर्म और समय का असंतुलन होता है।
ऐसे अनेक लोग मेरे पास आए—
जिनके पास योग्यता थी, पर अवसर नहीं
मेहनत थी, पर फल नहीं
धन आता था, पर टिकता नहीं
व्यवसाय था, पर निरंतर घाटा
नौकरी थी, पर अपमान और अस्थिरता
और आश्चर्य की बात यह कि
सबका कारण केवल “पैसे की समस्या” नहीं था।
आर्थिक संकट क्या वास्तव में है?
शास्त्रों के अनुसार, आर्थिक संकट तीन स्तरों पर कार्य करता है:
1️⃣ कर्म स्तर पर
पूर्व या वर्तमान जन्म के अधूरे ऋण
किसी का हक मारना
माता-पिता, गुरु या स्त्री का अपमान
2️⃣ ग्रह स्तर पर
मेरे अनुभव में मुख्य कारण—
शनि: विलंब, संघर्ष, कर्ज
राहु: भ्रम, गलत निर्णय, अचानक हानि
केतु: असंतोष, अस्थिरता
शुक्र: धन होते हुए भी सुख का अभाव
द्वितीय व एकादश भाव दोष
3️⃣ मानसिक व ऊर्जा स्तर
निरंतर नकारात्मक सोच—
“मेरे पास पैसा नहीं है”
“मेरे साथ हमेशा ऐसा ही होता है”
यह सोच दरिद्रता की ऊर्जा को मजबूत करती है।
मेरे जीवन का अनुभव (व्यक्तिगत सत्य)
मेरे जीवन में भी एक समय ऐसा आया जब—
विद्या थी
डिग्रियाँ थीं
सम्मान था
पर आर्थिक स्थिरता नहीं थी।
तभी मैंने जाना—
केवल परिश्रम नहीं, सही कर्म और सही ग्रह सहयोग भी आवश्यक है।
शास्त्र, साधना और जीवन अनुशासन के साथ
धीरे-धीरे लक्ष्मी का प्रवाह प्रारंभ हुआ।
आर्थिक संकट के प्रमुख कारण (जो लोग अनदेखा करते हैं)
धन का सम्मान न करना
माता-पिता की उपेक्षा
विद्या और पद का अहंकार
दिखावे का दान
नकारात्मक वाणी और सोच
आर्थिक संकट का शास्त्रीय व व्यावहारिक निवारण
🌼 1. लक्ष्मी तत्व को जागृत करें
घर की स्वच्छता
अनुपयोगी वस्तुओं का त्याग
सूर्य प्रकाश का प्रवेश
🌼 2. शनि सुधार (अनुभव-सिद्ध)
शनिवार सेवा और ईमानदारी
शनि को दान से अधिक सत्य कर्म प्रिय है।
🌼 3. अनुभव-सिद्ध मंत्र
प्रतिदिन 11 या 21 बार—
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
🌼 4. कर्म शुद्धि
समय पर भुगतान
वचन पालन
स्त्री और कन्या सम्मान
आर्थिक संकट बार-बार क्यों लौटता है?
क्योंकि लोग कारण सुधारे बिना केवल उपाय करते हैं।
मेरा संदेश
धन कोई पाप नहीं,
और गरीबी कोई पुण्य नहीं।
दरिद्रता भी एक दोष है — और हर दोष का समाधान संभव है।
✨ समापन
अनुभव, साधना और शास्त्र से निकला हुआ सत्य है।
— आचार्य डॉक्टर सरिता मिश्रा, पीएचडी (गोल्ड मेडलिस्ट)
📞 व्यक्तिगत परामर्श हेतु संपर्क: 8383904847