सच्चाई, अनुभव और समाधान – एक ज्योतिषीय जीवन-दृष्टि
लेखक: आचार्य डॉक्टर सरिता मिश्रा
PhD | Gold Medalist
📞 संपर्क: 8383904847
भूमिका: जब लोग डर के साथ मेरे पास आते हैं
पिछले कई वर्षों से जब भी कोई युवक या युवती मेरे पास कुंडली लेकर आता है, तो सबसे पहले जो शब्द सुनाई देता है, वह है —
“मैं मांगलिक हूँ… क्या मेरी शादी में समस्या आएगी?”
उनके चेहरे पर डर होता है, मन में असमंजस और दिल में यह चिंता कि कहीं उनका जीवन अकेलेपन या संघर्ष में न बीत जाए।
अपने लंबे अनुभव में मैंने यह महसूस किया है कि मांगलिक दोष से ज़्यादा नुकसान, उसके बारे में फैलाई गई अधूरी और डराने वाली जानकारी करती है।
इस लेख में मैं वही बताना चाहती हूँ, जो मैंने
✔️ कुंडलियाँ देखते हुए
✔️ लोगों का जीवन समझते हुए
✔️ और अपने अनुभव से सीखा है।
मांगलिक दोष क्या होता है?
जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह
प्रथम भाव
चतुर्थ भाव
सप्तम भाव
अष्टम भाव
द्वादश भाव
में स्थित होता है, तो उसे सामान्य रूप से मांगलिक दोष कहा जाता है।
मंगल ऊर्जा, साहस, क्रिया और अग्नि का ग्रह है।
जब यह संवेदनशील भावों में बैठता है, तो व्यक्ति के जीवन में तेज़ी, अधीरता और टकराव की संभावना बढ़ जाती है।
लेकिन क्या हर मांगलिक दोष खतरनाक होता है?
नहीं। और यह बात मैं अपने पूरे अनुभव के आधार पर कह रही हूँ।
मैंने ऐसे सैकड़ों मामले देखे हैं जहाँ:
दोनों पति-पत्नी मांगलिक थे और जीवन सुखी रहा
या एक मांगलिक था, फिर भी विवाह सफल रहा
क्योंकि सिर्फ मंगल की स्थिति देखना पर्याप्त नहीं होता।
पूरी कुंडली, ग्रहों की दृष्टि, दशा, नवांश —
इन सबका अध्ययन ज़रूरी है।
मांगलिक दोष जीवन में कैसे महसूस होता है?
कुछ लोग कहते हैं:
“छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है”
“रिश्तों में मैं ज़्यादा देने के बाद भी समझा नहीं जाता”
“शादी की बात आते ही अड़चन आ जाती है”
“मन में हमेशा एक बेचैनी रहती है”
ये सब संकेत बताते हैं कि मंगल की ऊर्जा संतुलन माँग रही है, न कि डर।
विवाह पर मांगलिक दोष का प्रभाव
मेरे अनुभव में मांगलिक दोष का सबसे ज़्यादा असर:
विवाह में देरी
रिश्तों में अहं टकराव
आपसी संवाद की कमी
पर पड़ता है।
लेकिन यह भी सच है कि अगर व्यक्ति समझदार हो, धैर्य रखे और सही मार्गदर्शन मिले —
तो यही मंगल उसे मजबूत, जिम्मेदार और साहसी जीवनसाथी भी बनाता है।
एक अनुभव जो मैं साझा करना चाहूँगी
एक बार मेरे पास एक युवती आई, जिसे कई जगह से यह सुनने को मिला था कि
“आप बहुत ज़्यादा मांगलिक हैं, आपकी शादी मुश्किल है।”
वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी।
कुंडली देखने पर पाया कि मंगल के साथ शुभ ग्रहों का सहारा था और दोष काफी हद तक निष्क्रिय था।
आज वही युवती सुखी वैवाहिक जीवन जी रही है।
इसलिए मैं हमेशा कहती हूँ —
👉 कुंडली डराने के लिए नहीं, समझाने के लिए होती है।
मांगलिक दोष के उपाय: डर नहीं, संतुलन
उपाय का अर्थ यह नहीं कि आप भय में जीएँ।
उपाय का अर्थ है — ऊर्जा को सही दिशा देना।
🔹 सरल और प्रभावी उपाय
हनुमान जी की उपासना
मंगलवार को संयम और सेवा
मंगल मंत्र का जप
लाल वस्त्र या मसूर दाल का दान
विवाह से पहले कुंडली मिलान और सही सलाह
लेकिन सबसे बड़ा उपाय है —
क्रोध पर नियंत्रण और व्यवहार में सौम्यता।
आध्यात्मिक दृष्टि से मांगलिक दोष
मंगल व्यक्ति को योद्धा बनाता है।
लेकिन योद्धा वही श्रेष्ठ होता है, जो पहले अपने भीतर के युद्ध को जीत ले।
मांगलिक दोष व्यक्ति को सिखाता है:
धैर्य
आत्मसंयम
और जिम्मेदारी
इसीलिए कई सफल लोग स्वभाव से थोड़े मांगलिक होते हैं।
अंतिम शब्द
मांगलिक दोष कोई अभिशाप नहीं है।
यह एक ऊर्जा संकेत है।
सही समझ, सही मार्गदर्शन और सही दृष्टिकोण से
यह दोष जीवन की बाधा नहीं,
जीवन की शक्ति बन सकता है।
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