करियर में बार-बार रुकावट क्यों आती है?

कुंडली के संकेत, समय की गलती और सही दिशा की पहचान

बहुत से लोग मेहनत करते हैं, स्किल सीखते हैं,
फिर भी करियर में वही कहानी दोहरती रहती है—
कभी प्रमोशन अटक जाता है, कभी जॉब बदलनी पड़ती है,
तो कभी शुरुआत ही बार-बार शून्य से करनी पड़ती है।

तब सवाल उठता है:
“आख़िर मेरी ग्रोथ रुक क्यों जाती है?”

ज्योतिष शास्त्र इसे केवल योग्यता या भाग्य से नहीं,
कुंडली + समय (दशा/गोचर) + निर्णय के संयुक्त प्रभाव से देखता है।


करियर केवल दसवाँ भाव नहीं होता

अक्सर लोग मानते हैं कि करियर सिर्फ दसवें भाव से तय होता है।
यह अधूरी समझ है।

करियर पर प्रभाव डालते हैं:

  • दसवाँ भाव – कर्म, पद, प्रतिष्ठा
  • छठा भाव – नौकरी, प्रतिस्पर्धा, सेवा
  • दूसरा भाव – आय, स्थिरता
  • ग्यारहवाँ भाव – लाभ, नेटवर्क, ग्रोथ
  • लग्न और चंद्रमा – निर्णय क्षमता, मानसिक मजबूती

इनमें से किसी एक में असंतुलन
करियर में बार-बार रुकावट पैदा कर सकता है।


करियर रुकने के 5 प्रमुख ज्योतिषीय कारण

1️⃣ गलत समय पर बड़ा फैसला

कई लोग:

  • गलत दशा में जॉब छोड़ देते हैं
  • गोचर प्रतिकूल होने पर जोखिम उठा लेते हैं

परिणाम:
मेहनत ज़्यादा, परिणाम कम।

करियर कुंडली से नहीं, समय से चलता है


2️⃣ शनि का दबाव: देरी, लेकिन अस्वीकृति नहीं

शनि:

  • शॉर्टकट तोड़ता है
  • अनुशासन सिखाता है
  • और स्थिरता की परीक्षा लेता है

जब शनि सक्रिय हो और व्यक्ति:

  • जल्दबाज़ी करे
  • जिम्मेदारी से भागे

तो ग्रोथ रुक जाती है।
लेकिन वही शनि, सही आचरण पर स्थायी सफलता देता है।


3️⃣ बुध कमजोर: स्किल है, लेकिन ग्रोथ नहीं

बुध:

  • कम्युनिकेशन
  • सीखने की गति
  • निर्णय की स्पष्टता

देता है।

कमज़ोर बुध में:

  • इंटरव्यू खराब जाते हैं
  • गलत जॉब प्रोफ़ाइल चुन ली जाती है
  • या स्किल होने के बावजूद पहचान नहीं बनती

4️⃣ राहु का भ्रम: दिशा बदलते रहना

राहु:

  • जल्दी सफलता का लालच
  • बार-बार दिशा बदलने की आदत
  • “कुछ और बेहतर है” की बेचैनी

देता है।

ऐसे लोग:

  • एक रास्ता पूरा होने से पहले छोड़ देते हैं
  • और अंततः कहीं स्थिर नहीं हो पाते

5️⃣ मानसिक थकान और आत्म-संदेह

कमज़ोर चंद्रमा:

  • आत्मविश्वास गिराता है
  • निर्णय टालता है
  • और अवसर आने पर भी हाथ खींच लेता है

कुंडली में योग होते हुए भी
मन तैयार न हो, तो करियर अटक जाता है।


जॉब या बिज़नेस? कुंडली कैसे संकेत देती है

यह सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जाता है—
“मेरे लिए नौकरी सही है या व्यवसाय?”

संकेत संक्षेप में:

  • मजबूत छठा भाव → नौकरी में स्थिरता
  • मजबूत सातवाँ/ग्यारहवाँ भाव → बिज़नेस/पार्टनरशिप
  • शनि + बुध संतुलित → कॉर्पोरेट ग्रोथ
  • राहु/मंगल सक्रिय → उद्यमिता (पर सही समय ज़रूरी)

गलत दिशा चुनना
करियर की सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है।


2026 में करियर को लेकर क्या सावधानी रखें?

2026 में:

  • शनि जिम्मेदारी और निरंतरता की माँग करेगा
  • गुरु सीख और दीर्घकालिक निर्णयों का समर्थन देगा
  • राहु जल्दबाज़ी से बचने का संकेत देगा

मतलब:

  • बार-बार जॉब बदलना नुकसानदेह हो सकता है
  • स्किल-अपग्रेड और स्ट्रैटेजिक मूव लाभ देगा
  • सही समय पर लिया गया निर्णय करियर को मोड़ सकता है

सबसे आम गलती जो लोग करते हैं

लोग अक्सर कहते हैं:

“बस एक मौका मिल जाए…”

लेकिन ज्योतिष कहता है:

“मौका तभी फल देता है, जब समय और दिशा साथ हों।”

केवल मेहनत नहीं,
मेहनत का समय सही होना चाहिए।


व्यक्तिगत मार्गदर्शन क्यों निर्णायक होता है?

करियर के मामलों में:

  • डर दिखाना बेकार है
  • जनरल भविष्यवाणी अधूरी होती है

ज़रूरत होती है:

  • आपकी कुंडली
  • आपकी वर्तमान दशा
  • और आने वाले गोचर

को जोड़कर व्यावहारिक दिशा देने की।

इसी संतुलित दृष्टिकोण से
Acharya Dr. Sarita Mishra
करियर को भाग्य का खेल नहीं,
योजना + समय + आत्म-समझ का विषय मानती हैं—
और व्यक्ति को यह स्पष्ट करती हैं कि
कब रुकना है, कब बदलना है, और कब आगे बढ़ना है।

यह मार्गदर्शन:

  • अनावश्यक जोखिम से बचाता है
  • आत्म-संदेह कम करता है
  • और स्थिर ग्रोथ की दिशा देता है

निष्कर्ष: करियर रुकता नहीं, दिशा माँगता है

अगर आपका करियर बार-बार अटक रहा है,
तो यह संकेत है कि:

  • मेहनत नहीं, दिशा बदलने की ज़रूरत है
  • भाग्य नहीं, समय समझने की ज़रूरत है

जब व्यक्ति:

  • सही समय पर
  • सही दिशा में
  • सही निर्णय लेता है

तो वही कुंडली
जो कभी रुकावट लगती थी,
उन्नति का रास्ता बन जाती है।

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